
श्रीगंगानगर, श्रीगंगानगर में मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्य (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कल गुरुवार को खुलासा किया था कि एक समुदाय विशेष के लोगों के नामों को मतदाता सूची से हटाने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है। वह कांग्रेस ने आज इस तरह की एक और बडी अनियमितताओं का खुलासा किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और पूर्व विधानसभा चुनाव प्रत्याशी अंकुर मगलानी के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही अनियमितताओं की जांच की अपील की गई है।
अंकुर मगलानी ने को ज्ञापन सौंपने के बाद बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए एक ही व्यक्ति के नाम से सैकड़ों आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं। उन्होंने कहा- विशेष पुनरीक्षण कार्य से जुड़े फॉर्मों पर दर्ज मोबाइल नंबरों का सत्यापन करने को लेकर कुछ लोगों द्वारा बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) को धमकाया जा रहा है। बीएलओ को यह कहकर डराया जा रहा है कि-'तुम कौन होते हो मोबाइल नंबर सत्यापित करने वाले?' ऐसी धमकियों से बीएलओ भयभीत हैं और अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। मिगलानी ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि इन धमकियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों की जांच की जाए।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अगर प्रशासन ईमानदारी से जांच करे तो यह साफ हो जाएगा कि एक ही व्यक्ति द्वारा 100-100 आपत्तियां दाखिल करने के पीछे क्या राज है। उन्होंने आशंका जताई कि इस साजिश के तार भाजपा विधायक जयदीप बिहानी के कार्यालय से जुड़े हो सकते हैं। मिगलानी ने सवाल उठाया-आखिर एक ही व्यक्ति इतने सारे लोगों के नाम हटाने के लिए आपत्तियां क्यों दाखिल कर रहा है? यह स्पष्ट रूप से मतदाता सूची को प्रभावित करने की कोशिश है।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया का हवाला दिया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया चल रही है। विगत 12 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया था और दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई थी। इलेक्टोरल मैनुअल 2023 के पैरा संख्या 113.2.2(2) के अनुसार बल्क आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते। कोई व्यक्तिगत मतदाता केवल एक फॉर्म (दावा या आपत्ति) ही जमा कर सकता है, जबकि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म ही जमा करवा सकते हैं। प्रत्येक फॉर्म में मतदाता की पूरी जानकारी, मोबाइल नंबर, साक्ष्य और अंडरटेकिंग अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि एसडीएम कार्यालय में नियमों के विपरीत एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं द्वारा एक ही दिन में सैकड़ों से हजारों की संख्या में फॉर्म-7 (नाम हटाने के लिए) और फॉर्म-6 (नाम जोड़ने के लिए) जमा किए गए हैं। यह निर्वाचन आयोग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ऐसे नियम-विरुद्ध जमा फॉर्म-6, 7 और 8 की पूरी सूची कांग्रेस पार्टी को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही इन बल्क आवेदनों पर कोई संज्ञान न लिया जाए। इसके अलावा नियम-विरुद्ध आवेदन जमा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए। प्रतिनिधिमंडल में शहर ब्लॉक अध्यक्ष धर्मपाल झोरड़, देहात ब्लॉक अध्यक्ष श्याम पुनियानी, मनोज भिड़ासरा, मंडल अध्यक्ष दुलीचंद गोदारा, और शंकर असवाल समेत अन्य कांग्रेस नेता शामिल थे।