Header Ads Widget


 

आ लौट के आजा महावीर, तुझे तेरे भक्त बुलाते है..


- सचेतन झांकियों के माध्यम से शहर को दिये भगवान महावीर के संदेश
- सक्रांति समारोह में बोले संत, कहा अहम हटेगा तभी अर्हम आयेगा
- सकल जैन समाज ने निकाली विशाल शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत
- अङ्क्षहसा विशेषांक का हुआ विमोचन
श्रीगंगानगर,(सौरभ जैन)। आ लौट के आजा महावीर, तुझे तेरे भक्त बुलाते है.., त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की.., महावीर प्रभु तेरे चरणों में..., जन्म जयंती का अवसर आया है, सूर्य उदित होकर नभ पर छाया है..., नाम तुम्हारा तारणहारा, कब तेरा दर्शन होगा.., महावीर तेरा साथ चाहिए.., त्याग की मूरत हो तूम, तप की परिभाषा, जय महावीरा, जय महावीरा... आदि अनेकों भजनों एवं महावीर का क्या संदेश जीयो और जीने दो.., समता धर्म किसका नारा, जैन धर्म है सबसे न्यारा.., एक दो तीन चार, महावीर की जय जयकार.., आदि अनेकों जयकारों की सुमधुर स्वरलहरियों के साथ निकाली शोभायात्रा। 


मौका का जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2621वां जन्म कल्याणक महोत्सव का, जिसे सकल जैन समाज द्वारा बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया। मीडिया प्रभारी सौरभ जैन ने बताया कि इस महोत्सव के अंतर्गत आज गुरूवार को पुरानी धानमण्डी स्थित जैन सभा भवन में प्रात: 6 बजे प्रभात भेरी निकाली गई, जिसके बाद 7 बजे ध्वजारोहण का कार्यक्रम रहा। इसके बाद 8 बजे भगवान का पक्षालन स्नात्र पूजन एवं आरती की गई। श्री विजय वल्लभ सूरी समूदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज के आज्ञानुवर्ती आचार्य श्री विजयजयानंद सूरीश्वर महाराज ठाणा 5 की शुभ निश्रा में आयोजित इस महोत्सव में प्रात: 9 बजे सक्रांति उत्सव मनाया गया, जिसकी शुरूआत करते हुए जैनाचार्य जयानंद सुरि महाराज ने स्वागत गीतिका स्वागतम् वीरम्, सुस्वागतम् वीरम्.. गाई। इस अवसर पर महाराजश्री ने कहा कि दुनिया में दो तरह के लोग होते है, सकारात्मक और नकारात्मक, सकारात्मक प्राणी विशम परिस्थिति में भी अच्छाई देखने का प्रयास करेगा


 और नकारात्मक प्राणी सब चीजों में बुराई देखने की। भगवान महावीर के जीवन के प्रेरणा लेने के लिए कहते हुए उन्होंने कहा कि लिखने में तो अहम और अर्हम में सिर्फ एक मात्रा का ही फर्क है परंतु अहम पतन का कारक है और अर्हम उत्थान का। जीवन में अहम समाप्त होगा तभी अर्हम आयेगा। स्वार्थ की भावना समाज और परिवार के लिए नष्टकारी है। महावीर जयंती पर भगवान महावीर के चरणों में विनती करते हुए जयानंद सुरि ने कहा कि हे महावीर, आपके और हमारे बीच की विचारों और सिद्धांतों की दूरियां समाप्त हो और हम आपके दिखाये समता, अहिंसा और परोपकार के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बना सके। इस अवसर पर महाराजश्री के साथ आये जयाकीर्ति महाराज ने गीतिका ज्यों ज्यों कदम बढ़ेंगे आगे, स्वत: मार्ग बन जायेगा.. के माध्यम से सभी को महावीर भगवान के जीवन दर्शन के बारे में बताया। इस अवसर पर मुनिश्री दिव्यांश विजय जी महाराज, नूतनमुनि चारित्रवल्लभ विजय जी महाराज, नूतनबालमुनि चैत्यवल्लभ विजय जी महाराज भी साथ रहे। सक्रांति समारोह में मानवी डागा, श्रीमती कंचन कोचर, सारीका कोठारी आदि ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। इसके बाद सक्रांति भजन एवं सक्रांति पाठ सुनाया गया। मंच संचालन विमल कोटेजा ने किया। अंत में आये हुए सभी धर्मावलंबी लोगों ने स्वामी वत्सल ग्रहण किया।

ये भी पढ़ें:जनसंख्या वृद्धि पर लगाम लगाएगा 'मिशन परिवार विकास'

निकाली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत
भगवान महावीर जयंती के उपलक्ष में आज गुरूवार को प्रात: 11 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जैन सभा, श्रीदिगम्बर जैन मंदिर, श्रीश्वेताम्बर तेरापंथ संघ, श्रीश्वेताम्बर स्थानक वासी संघ व श्रीश्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ ने भाग लिया। इस शोभायात्रा की शुरूआत जैनाचार्य विजयानंद सुरि ठाण-5, विधायक राजकुमार गौड़ आदि ने झंडी दिखाकर किया। इस भव्य एवं विशाल शोभायात्रा में सभी जैन समुदायों द्वारा भगवान महावीर के जीवन को दर्शाती एवं संदेशपूर्ण आकर्षक व मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गई। समाज के छोटे-छोटे बच्चे भी इस यात्रा में झांकियां प्रस्तुत कर धर्म से जुड़े। जगह-जगह इस शोभायात्रा का पुष्पवर्षा एवं प्रभावना कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सौरभ जैन ने बताया कि फूलों से सज्जी बग्गी में भगवान महावीर की प्रतिमा से सुशोभित यह यात्रा दयानंद मार्ग से होते हुए, रेलवे स्टेशन रोड़, अम्बेडर चौक गोल बाजार के होते हुए रविन्द्र पथ रोड़ से वापिस मंदिरजी पहुंची, जहां सभी ने भगवान की मंगलआरती की।

ये भी पढ़ें-मनीषा डूडी बीकानेर प्रकरण के सभी वीडियो देखें

ये रहे मौजूद
महावीर भगवान के 2621वें जन्मोत्सव में अमरचंद बोरड़, कमलकांत कोचर, विमल कोटेचा, नरेश जैन, एडगुरू राजकुमार जैन, राजेश जैन, विमल जैन, विजय जैन, सुभाष जैन, संजीव जैन टोनी, सुशील बैद्य, सुशील जैन, शामलाल जैन, पवन जैन, नरेन्द्र जैन, सुरेश जैन, सौरभ जैन, हर्ष जैन, चैतन्य जैन, चन्द्रेश जैन, चन्द्रेश बोरड़, अशोक सुराणा, चांदरतन गहलोत, डॉ. नरेन्द्र जैन, राकेश जैन, मुकेश जैन, मनोज डागा, डॉ. सुमन जैन सहित सैकड़ों धर्मावलंबी लोग उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें:बीमा पॉलिसीधारक एक वर्ष पूरे होने से पूर्व पॉलिसी रिन्यू करवाएं : डॉ. नवनीत शर्मा

ये झांकियां प्रस्तुत की
इस शोभायात्रा में भगवान महावीर के जीवन को दर्शाती हुई झांकियां प्रस्तुत की गई। इसमें सोलह सपनों की झांकी, त्रिशला माता की झांकी, चांदनपूर में भगवान महावीर प्रागट  हुए झांकी, जीयो और जीने दो संदेश की झांकी, अहिंसा परमो धर्म को दर्शाती हुई झांकी, पर्यावरण एवं जल संरक्षण की झांकी आदि प्रस्तुत की गई। इस शोभायात्रा में जैनाचार्य जयानंद सुरि ठाणा-5 ने भी पदयात्रा की सभी को भगवान महावीर के पांच सिद्धांतों को संदेश दिया। बैंड बाजों के साथ निकली इस विशाल शोभायात्रा में जैन समाज की महिलाओं और पुरूषों ने संकीर्तन करते हुए पदयात्रा की।