श्रीगंगानगर। वर्तमान में राज्य सरकार तथा डिस्कॉम द्वारा सभी प्रकार के विद्युत बिलों पर फ्यूल सरचार्ज तथा स्पेशल फ्यूल सरचार्ज के नाम पर गैर कानूनी वसूली जनता से की जा रही है, जिसका सबसे ज्यादा भार उद्योग तथा व्यापार पर पड़ रहा है। विभिन्न प्रकार के प्रयासों के बावजूद भी तथा कानूनी शरण लेने के बाद भी यह वसूली रोक पाना संभव नहीं हो पा रहा है। इन परिस्थितियों में एकमात्र रास्ता आंदोलन का ही रह जाता है और इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था लघु उद्योग भारती ने प्रदेश स्तर पर यह योजना बनाई है कि यह संघर्ष, यह विरोध किसी एक व्यक्ति या संस्था का न होकर सम्पूर्ण औद्योगिक तथा व्यापार जगत का बनना चाहिए और इसकी गूंज प्रदेश सरकार तक पहुचनी चाहिए। इसी क्रम में एक सांकेतिक धरने का आयोजन प्रदेश स्तर पर किया जा रहा है, जो पूरे प्रदेश में 50 से अधिक स्थानों पर एक साथ एक ही समय पर आयोजित किए जाने की योजना है ।
यह धरना दिनांक 20 जुलाई 2023 गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक क्लैक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित किया जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए हर इकाई को धरने को सफल बनाने हेतु जिम्मेवारियां सौंपी जा रही है। इस विरोध हेतु संख्या बल पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकतम संख्या हेतु स्थानीय औद्योगिक व्यापारिक तथा सामाजिक संगठनों को साथ लेकर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए व्यापारिक संस्थाओं एवं उद्योग इकाइयों से जन संपर्क शुरू कर दिया गया है।
प्रदेश स्तर पर किये जाने वाले इस विरोध प्रदर्शन से निश्चित रूप से सरकार और विद्युत मंत्रालय तक सामूहिक आवाज जाएगी और उनके निर्णय में परिवर्तन होगा। फ्यूल सरचार्ज सिर्फ व्यापारिक या उद्योग इकाइयों के लिए परेशानी नहीं है, अपितु हर आम व खास के लिए परेशानी का कारण है।
इसी संदर्भ में आज जस्सा सिंह मार्ग पर स्थित एक निजी होटल में लघु उद्योग भारती की ओर से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें गंगानगर इकाई के अध्यक्ष गौरव बगड़िया, सचिव चंद्र शेखर, किन्नू संघ के अध्यक्ष अरविंद गोदारा, सेवा भारती के अध्यक्ष डॉ. संजीव चुग, राजस्थान सीड्स प्रोड्यूसर एसोसिएशन के रविंद्र यादव, सौरभ मीडिया के एमडी सौरभ जैन, अधिवक्ता संघ के प्रताप सिंह शेखावत, इंडस्ट्रियल एस्टेट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता, राहुल जैन, निर्मल जैन, सचिन गोयल, द ट्रेडर्स एसोसिएशन से सुरेंद्र धारणिया सहित अनेकों बड़े उद्योगों एवं संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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