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स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण के लिए बी.एस.सी की छात्रा ममता वर्मा बनी मिशाल ( Proud of Woman Power )

 *स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण के लिए बी.एस.सी की छात्रा ममता वर्मा बनी मिशाल ( Proud of Woman Power )* 

दोस्तो आज बेरोजगारी की समस्या को हर व्यक्ति अच्छे से जानता हैं, आज के टाइम में हर व्यक्ति इतना पढ़ा लिखा है बावजूद इसके वह बेरोजगार बैठा है, जनसंख्या इतनी बढ़ चुकी है, कि हर किसी को रोजगार मिलना लगभग नामुमकिन सा हो गया है। 


लेकिन सरकारी रोजगार के भरोसे बैठे रहना यह भी तो अच्छी बात नहीं है,आप अपना खुद का व्यवसाय, बिजनेस धंधा या कुछ ऐसा कार्य तो कर ही सकते है जिससे अच्छी खासी कमाई कर सकें, और अपनी जिंदगी आसान बना सकें। इसी सकारात्मक सोच के साथ B.Sc में अध्यनरत छात्रा ममता वर्मा निवासी लखा हाकम ने एक अनूठी पहल की और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए


 वेस्टेज सामग्री जैसे कपड़ा, प्लास्टिक आदि से खूबसूरत पेंटिंग, खिलौने, घर में साज सजा सामग्री, आर्ट एंड क्राफ्ट के आइटम घर पर तैयार करती है और गांव की महिलाओं को भी पर्यावरण संरक्षण और स्वरोजगार मुहिम के तहत निशुल्क ट्रेनिंग देती है। भूमिपुत्र फाउंडेशन ग्रामीण सर्वे टीम को पता चला कि रायसिंहनगर क्षेत्र कि इस बेटी द्वारा स्वरोजगार के क्षेत्र में जो अनूठी पहल की गई है, जो बड़े ही गर्व का विषय है। इस बच्ची के द्वारा गांव की महिलाओं को निशुल्क ट्रेनिंग भी दी जाती है ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सके। पढ़ाई के साथ-साथ ममता वर्मा ने इस उल्लेखनीय कार्य की शुरुआत की है, जब भूमिपुत्र फाउंडेशन की टीम ने इस बच्ची से बात की तो पता चला कि यह बच्ची पुराने कपड़े और प्लास्टिक, वेस्टेज सामग्री आदि से यह खूबसूरत खिलौने पेंटिंग्स आदि तैयार करती है । स्वरोजगार एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बच्ची ममता वर्मा निरंतर लोगों को जागरुक कर रही है। एक सकारात्मक सोच के साथ महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करती इस बच्ची को *भूमिपुत्र फाउंडेशन* की तरफ से कोटि-कोटि प्रणाम।

*नारी गौरव है, अभिमान है*

*नारी ने ही ये रचा विधान है*

*हमारा नतमस्तक इसको प्रणाम है*

*नारी शक्ति..................*