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राजस्थान में `पर्ची' और 'लिफाफे' वाली सरकार- डोटासरा

श्रीगंगानगर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा है कि राजस्थान में `पर्ची' और `लिफाफे' वाली सरकार बनी है। मुख्यमंत्री के नाम की नई दिल्ली से पर्ची आई और फिर मंत्रिमंडल के नाम की सूची भी मुख्यमंत्री बंद लिफाफे में लेकर सड़क मार्ग द्वारा नई दिल्ली से जयपुर लेकर आए।उनको नहीं पता था कि लिफाफे में बंद सूची में किन के नाम हैं। श्री डोटासरा आज सूरतगढ़ रोड स्थित केएलएम होटल में आयोजित वार्ता में मीडिया से मुखातिब हो रहे थे। उन्होंने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल को बंद लिफाफा थमाया गया था। इस हिदायत के साथ कि यह लिफाफा मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा ही खोला जाएगा। आप सभी ने देखा होगा कि लिफाफा वहीं खोला गया था। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के  किसी विधायक को नहीं पता था कि कौन मंत्री बनेगा और कौन नहीं। कार्यक्रम में भाजपा के अनेक वरिष्ठ विधायक इस उम्मीद से आगे की कुर्सियों पर आकर बैठे कि उनको तो मंत्रिमंडल में लिया ही जाएगा, लेकिन उनको ऐनवक्त पीछे की सीटों पर कर दिया गया। मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण हुए भी कई दिन हो गए लेकिन अभी तक उनके मंत्रालयों का निर्धारण नहीं हुआ है। इनके मंत्रालयों की पर्ची या लिफाफा भी किसी “भवन” या “नई दिल्ली” से ही आएगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री तय करने में भी अपने विधायकों की राय को दरकिनार कर दिया था। सभी ने देखा कि किस तरह नई दिल्ली से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह जयपुर आए। उन्होंने किसी विधायक से कोई बात नहीं की। मंच पर जेब से मुख्यमंत्री के नाम की पर्ची निकाली और पास बैठी वरिष्ठ नेता को दे दी। इस वरिष्ठ नेता के चेहरे की उड़ रही हवाइयां देखने वाली थीं। मुख्यमंत्री का नाम घोषित करने पर ना तो किसी ने तालियां बजाई और ना ही खुशी का इजहार किया। भाजपा में अब सब कुछ नई दिल्ली से तय होने लगा है। मुख्यमंत्री के अपने अधिकार और विशेषाधिकार होते हैं, लेकिन यह राजस्थान की पहली ऐसी सरकार है जिसके मुख्यमंत्री अपना कोई फैसला या अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर  सकते। प्रदेश में भाजपा विधायक या प्रदेश की जनता क्या चाहती है,इससे भाजपा को कोई लेना-देना नहीं है। एक महीना बीतने पर भी भजनलाल सरकार ने जनता के हित में एक भी काम नहीं किया। यह सरकार अब तक पिछली गहलोत सरकार के कामों तथा योजनाओं को बंद करने में ही लगी है। भजनलाल सरकार ने बड़ी संख्या में युवाओं को बेरोजगार कर दिया है। 5000 युवा मित्र हटा दिए और 50 हजार महात्मा गांधी प्रेरकों की नियुक्ति प्रक्रिया को रोक दिया है। प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव जिया उर रहमान, जिलाध्यक्ष अंकुर मगलानी,हनुमानगढ़ जिला अध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, राष्ट्रीय सचिव एवं जिला प्रमुख कुलदीप इंदौरा, विधायक डूंगरराम गैदर,शिमला देवी नायक, विनोद गोठवाल अमित चाचाण तथा केश कला बोर्ड अध्यक्ष महेंद्र गहलोत आदि अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।


टीटी हार रहे हैं,इसलिए बनाया मंत्री

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि श्रीकरनपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपालसिंह टीटी हार रहे हैं।इसलिए चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता का उलंघन कर भाजपा ने उनको मंत्री पद की शपथ दिलाई है कि शायद इससे वे जीत जाएं। श्री डोटासरा ने कहा कि यह सरासर श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का अपमान है। यह फैसला मतदाताओं ने करना है कि वे किसे विधायक चुनेंगे लेकिन भाजपा ने तो मतदाताओं को ठेंगा दिखा दिया कि टीटी हारें या जीतें, उन्होंने तो मंत्री बना दिया है। डोटासरा ने कहा कि इससे पहले भी टीटी दो बार मंत्री रहे हैं। दो बार ही उनकी बुरी तरह से हार हुई थी।पिछली बार तो वे तीसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें पूरी जानकारी है कि इस बार टिकट देने से पहले करवाए सर्वे में भाजपा हाईकमान को पता चल गया था कि टीटी 40 हजार वोटों से हारेंगे। श्रीकरणपुर सीट जीतने के लिए मंत्री बनाकर भाजपा ने आखिरी कौड़ी का दाव खेला है,लेकिन श्रीकरनपुर की जनता स्व. गुरमीतसिंह कुन्नर द्वारा इस इलाके में करवाए गये कार्यों, उनकी ईमानदारी व लोकप्रियता तथा गहलोत सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को देखते हुए उनके पुत्र रुपेंद्रसिंह रूबी को जिताने का मन बना चुकी है। रूबी की जीत सही मायने में स्व. कुन्नर के प्रति लोगों की श्रद्धांजलि होगी। एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा कि टीटी को पहले मंत्री बनाने पर चुनाव आयोग के समक्ष एतराज किया गया है लेकिन उनको लगता नहीं है कि आयोग इस पर कोई कार्यवाही करेगा। निश्चित ही कांग्रेस इसके खिलाफ अदालत में लड़ाई लड़ेगी।
राम मंदिर को बनाया चुनावी हथियार

अयोध्या के श्रीराम मंदिर के शुभारंभ को लेकर देश भर में भाजपा द्वारा बनाए जा रहे माहौल पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने इसे भी लोकसभा चुनाव जीतने का चुनावी हथियार बना लिया है। वह मंदिर के नाम पर वोटों का ध्रुवीकरण करने में लगी है।पूरे देश की जनता को भ्रमित किया जा रहा है। घर-घर पीले चावल इस तरह से बांटे जा रहे हैं जैसे कि उनकी भांजी या भतीजी की शादी है,जिसके लिए वे भात भर रहे हैं। श्री डोटासरा ने कहा कि भगवान श्रीराम सिर्फ भाजपाइयों के लिए ही मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं हैं बल्कि देश के हर वर्ग तथा कौम की उनके प्रति गहरी आस्था है।अयोध्या में श्री राम का मंदिर भाजपा की वजह से नहीं बन रहा बल्कि यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले से बना है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा है कि यह देशवासियों की जन भावनाओं का मामला है। श्री डोटासरा ने याद दिलाया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर की पहली पहल स्व. प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की थी। कांग्रेस हर धर्म और हर वर्ग को साथ लेकर चलती है। प्रदेश में पिछली गहलोत सरकार ने राज्य में अनेक मंदिरों तथा धर्मस्थलों में निर्माण अथवा उन्हें विकसित करने के लिए 28 करोड़ रुपए दिए थे।कांग्रेस सरकार ने यह कोई एहसान नहीं किया, जैसे कि भाजपा अब एक तरह से एहसान जता रही है कि श्री राम मंदिर उनके कारण ही बना है।