टांटिया जनरल हॉस्पिटल में मिर्गी दिवस पर आयोजित की गई प्रेस वार्ता
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय मिर्गी दिवस के उपलक्ष में गगन पथ स्थित टांटिया जनरल हॉस्पिटल में मिर्गी जागरूकता के लिए एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें न्यूरो सर्जन डॉ. महेश माहेश्वरी ने कहा कि मिर्गी का दौरा सिर्फ दो मिनट का होता है, और कई बार ये दौरा गाड़ी चलते समय, काम करते समय आ जाता है जिसके कारण मरीज की जान को खतरा भी हो सकता है। मिर्गी मस्तिष्क की एक पुरानी गैर संचारी बीमारी है जो दुनिया भर में करीब 5 करोड़ लोगों को प्रभावित करती है। मिर्गी के रोगी के शरीर के कुछ हिस्से या पूरे शरीर में अनैच्छिक हरकत के संक्षिप्त प्रकरणों में बार-बार दौरे पड़ते है। मिर्गी के साथ कभी-कभी चेतना का नुकसान और मूत्राशय के कार्य पर नियंत्रण की कमी भी होती है। मस्तिष्क कोशिकाओं के समूह में अत्यधिक विद्युत निर्वहन होता है तो इसके परिणाम स्वरुप दौरे पड़ते है। डॉ. माहेश्वरी ने कहा कि मिर्गी का दौरा इस बात पर निर्भर करता है मस्तिष्क का कौन सा भाग और उसका कितना हिस्सा प्रभावित हुआ है। दौरे की दो व्यापक श्रेणियां हैं सामान्य कृत द्वारा और आंशिक। इस अवसर पर टांटिया हॉस्पिटल के डायरेक्टर विशू टांटिया ने कहा कि मिर्गी की रोकथाम के लिए सबसे महत्तवपूर्ण कदम है इसकी ज्यादा से ज्यादा जागरूकता लाना। इस अवसर पर डॉ. सीमा माहेश्वरी, डॉ. महिपत सोनी, डॉ. प्रेम मित्तल, डॉ. एसएस खुराना, डॉ. अनिल खुराना, डॉ. मनोज गर्ग, डॉ. अतुल धींगड़ा, डॉ. एम जुबेर, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. गोविंदराम चौधरी, डॉ. निशांत गोयल, जसवीर सिंह, डॉ. मनीष बाघला, राजकुमार जैन, सौरभ जैन आदि अनेकों लोग उपस्थित रहे।
