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बीमा पॉलिसीधारक एक वर्ष पूरे होने से पूर्व पॉलिसी रिन्यू करवाएं : डॉ. नवनीत शर्मा


- एनएफएसए पात्र परिवार और एसईसीसी के अंतर्गत आने वाले परिवारों को दोबारा पॉलिसी को रिन्यू करवाने की जरूरत नहीं
हनुमानगढ़। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के बीमा पॉलिसीधारकों को अब एक वर्ष की बीमा अवधि पूर्ण होने से पूर्व ही नए पॉलिसी वर्ष में पॉलिसी को रिन्यू करवाना होगा तभी उन्हें 1 मई 2022 से योजना का लाभ पूर्व की भांति मिल सकेगा।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिन परिवारों ने अप्रैल 2021 में योजना के अन्तर्गत रजिस्ट्रेशन करवाया था, उनकी बीमा पॉलिसी अवधि को अब एक वर्ष पूर्ण हो गया है। ऐसे में पॉलिसी खत्म होने वाली है, तो उन्हें योजना का लाभ जारी रखने के लिए ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से पॉलिसी को रिन्यू करवा लेना चाहिए ताकि 1 मई 2022 से योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पूर्ण होने के बाद रिन्यू या रजिस्ट्रेशन करवाने पर नियमानुसार 3 महीने बाद ही योजना का लाभ मिल सकेगा। योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में पंजीकृत (एनएफएसए) पात्र परिवार और सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना 2011 (एसईसीसी) के अंतर्गत आने वाले परिवारों को दोबारा पॉलिसी को रिन्यू अथवा रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं है, लेकिन शेष सभी अन्य परिवारों को बीमा पॉलिसी रिन्यू करवानी पड़ेगी। इसमें संविदाकर्मी, कोविड-19 से असहाय एवं निराश्रित परिवारों एवं लघु सीमान्त कृषक भी शामिल हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि इनका इस वर्ष भी पूरा प्रीमियम राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। जबकि शेष अन्य परिवारों को 850 रुपए की प्रीमियम राशि चुकाकर बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण करवाना होगा। सीएमएचओ ने जिले के उन परिवारों से भी योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की है, जिन्होंने अभी तक एक भी बार योजना में रजिस्ट्रेशन नही करवाया है।

अब 10 लाख तक का होगा नि:शुल्क इलाज
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि 1 अप्रैल 2022 से चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में नि:शुल्क इलाज का बीमा कवर लाभ भी अब 5 से बढ़ाकर 10 लाख रुपए प्रति परिवार कर दिया गया है। साथ ही योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। इसमें कॉकलियर, इंप्लांट, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, आर्गन ट्रांसप्लांट, ब्लड प्लेटलेट्स और प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन, लिंब प्रोस्थेसिस (बोन कैंसर) का मंहगा इलाज भी अब नि:शुल्क हो सकेगा। इसके अलावा चिरंजीवी कार्ड ना होने पर भी असहाय व निराश्रित परिवार के जरूरतमंद मरीजों के नि:शुल्क इलाज के लिए आपातकालीन स्थिति में जिला कलक्टर को अधिकृत किया है।