- परिवार कल्याण कार्यक्रम होगा सुदृढ़, आयोजित होंगे सास-बहू सम्मेलन
हनुमानगढ़। जिले में 'मिशन परिवार विकास ' कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जो अब नियमित रूप से संचालित होगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रारंभ किए गए इस कार्यक्रम के जरिए राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम सुदृढ़ होगा एवं जनसंख्या वृद्धि पर अंकुश लग सकेगा। कार्यक्रम के तहत परिवार कल्याण के साधनों के प्रति जागरूकता, आमजन की सहभागिता एवं परिवार कल्याण लक्ष्यों पर ध्यान दिया जाएगा। आशा सहयोगिनी गांव की नवदंपति को नई पहल किट प्रदान कर उन्हें जागरुक करेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सास-बहू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम के प्रति गंभीरता बरतने एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
एसीएमएचओ डॉ. पवन कुमार ने बताया कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2016 में उच्च प्रजनन दर वाले 146 जिलों में मिशन परिवार विकास का क्रियान्वयन किया था। इस कार्यक्रम के तहत राजस्थान के 14 उच्च प्रजनन दर वाले जिलों में मिशन परिवार विकास का क्रियान्वयन वर्तमान में किया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल परिणामों के आधार पर राजस्थान सहित उच्च प्राथमिकता वाले राज्यों के सभी जिलों में मिशन परिवार विकास प्रारंभ करने का निर्णय लिया,
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जिसके तहत एक अप्रेल से हनुमानगढ़ में भी यह कार्यक्रम शुरू हुआ है। कार्यक्रम के दौरान सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर अंतरा इंजेक्शन की उपलब्धता, सभी प्रसव संस्थानों पर पीपीआईयूसीडी की सेवाएं, ग्राम पंचायत भवनों व स्वास्थ्य केन्द्रों पर कण्डोम बॉक्स लगाने के अलावा हर वर्ष मिशन परिवार विकास के चार मुख्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
डॉ. पवन कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में नई पहल के तहत नवदंपति को परिवार कल्याण किट दी जाएगी एवं सास बहू सम्मेलन का आयोजन होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व अन्य स्टाफ का प्रशिक्षण होगा। इसके साथ ही जिला कलक्टर, सीएमएचओ, एसीएमएचओ, डीपीएम, जिला आईईसी अधिकारी, जिला स्टोर प्रबंधक व जिला आशा समन्वयक की कमेटी बनेगी।
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आशाओं व लाभार्थी को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि अंतरा लगाने पर हर इजेंक्शन के आशा सहयोगिनी को 100 रुपए व लाभार्थी को भी 100 रुपए देय होंगे। इसी तरह पीपीआईयूसीडी के लिए आशा सहयोगिनी को 150 रुपए व लाभार्थी को 300 रुपए देय होंगे। सास बहू सम्मेलन करवाने पर आशा सहयोगिनी को 100 रुपए मिलेंगे। सरकारी चिकित्सा संस्थान पर पुरुष नसबंदी करवाने पर अब 3000 रुपए, महिला नसबंदी करवाने पर 2000 रुपए एवं प्रसव पश्चात नसबंदी करवाने पर 3000 रुपए लाभार्थी को देय होंगे। मोटिवेटर को अब 300 रुपए (महिला नसबंदी) व 400 रुपए (पुरुष नसबंदी) मिलेंगे।
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सास-बहू सम्मेलन होंगे खास
सीओ-आईईसी मनीष शर्मा ने बताया कि मिशन परिवार विकास अभियान के तहत जिले में जनसंख्या पर नियंत्रण करने और इसके लिए आमजन को समझाने के लिए गांवों में सास-बहू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में सास व बहुएं शामिल होंगी। इस दौरान एएनएम और आशा सहयोगिनियां सास-बहुओं से चर्चा कर उन्हें छोटे परिवार के फायदे बताएंगी। उन्हें स्थानीय भाषा और लहजे में समझाया जाएगा ताकि वे अच्छे से समझ सकें। इसका उद्देश्य यह भी है कि सास भी अपनी बहू के परिवार छोटा रखने के फैसले का स्वागत करें और उनका मानसिक रूप से सहयोग करें। इस सम्मेलन में सीमित परिवार के लाभ, विवाह की सही आयु, विवाह के बाद कम से कम दो साल के बाद पहला बच्चा, पहले व दूसरे बच्चे में कम से कम 3 साल का अंतर, परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में संपूर्ण जानकारी, परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि एवं परिवार कल्याण के स्थाई व अस्थाई साधन अपनाने की जानकारी दी जाएगी।
डॉ. पवन कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में नई पहल के तहत नवदंपति को परिवार कल्याण किट दी जाएगी एवं सास बहू सम्मेलन का आयोजन होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व अन्य स्टाफ का प्रशिक्षण होगा। इसके साथ ही जिला कलक्टर, सीएमएचओ, एसीएमएचओ, डीपीएम, जिला आईईसी अधिकारी, जिला स्टोर प्रबंधक व जिला आशा समन्वयक की कमेटी बनेगी।
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कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि अंतरा लगाने पर हर इजेंक्शन के आशा सहयोगिनी को 100 रुपए व लाभार्थी को भी 100 रुपए देय होंगे। इसी तरह पीपीआईयूसीडी के लिए आशा सहयोगिनी को 150 रुपए व लाभार्थी को 300 रुपए देय होंगे। सास बहू सम्मेलन करवाने पर आशा सहयोगिनी को 100 रुपए मिलेंगे। सरकारी चिकित्सा संस्थान पर पुरुष नसबंदी करवाने पर अब 3000 रुपए, महिला नसबंदी करवाने पर 2000 रुपए एवं प्रसव पश्चात नसबंदी करवाने पर 3000 रुपए लाभार्थी को देय होंगे। मोटिवेटर को अब 300 रुपए (महिला नसबंदी) व 400 रुपए (पुरुष नसबंदी) मिलेंगे।
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सास-बहू सम्मेलन होंगे खास
सीओ-आईईसी मनीष शर्मा ने बताया कि मिशन परिवार विकास अभियान के तहत जिले में जनसंख्या पर नियंत्रण करने और इसके लिए आमजन को समझाने के लिए गांवों में सास-बहू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में सास व बहुएं शामिल होंगी। इस दौरान एएनएम और आशा सहयोगिनियां सास-बहुओं से चर्चा कर उन्हें छोटे परिवार के फायदे बताएंगी। उन्हें स्थानीय भाषा और लहजे में समझाया जाएगा ताकि वे अच्छे से समझ सकें। इसका उद्देश्य यह भी है कि सास भी अपनी बहू के परिवार छोटा रखने के फैसले का स्वागत करें और उनका मानसिक रूप से सहयोग करें। इस सम्मेलन में सीमित परिवार के लाभ, विवाह की सही आयु, विवाह के बाद कम से कम दो साल के बाद पहला बच्चा, पहले व दूसरे बच्चे में कम से कम 3 साल का अंतर, परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में संपूर्ण जानकारी, परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि एवं परिवार कल्याण के स्थाई व अस्थाई साधन अपनाने की जानकारी दी जाएगी।
