Header Ads Widget


 

विश्व लीवर दिवस पर आयोजित किया विशेष कार्यक्रम

लीवर को स्वस्थ रखने के लिए हैल्दी और पौष्टिक भोजन जरूरी : डॉ. दीपक वर्मा

- विश्व लीवर दिवस पर जन जागरूकता सेमीनार आयोजित
सूरतगढ़। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सूरतगढ़ के एनसीडी क्लिनिक की ओर से विश्व लीवर दिवस पर जन जागरूकता सेमीनार का आयोजन ओएसिस सैनिक स्कूल में किया गया। सेमीनार में होम्योंपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा ने बच्चों को बताया कि हेपेटाइटिस के संक्रमण से लीवर में सूजन आ जाती है, इससे व्यक्ति को पीलिया हो सकता है। 

यह एक संक्रामक बीमारी है जो लापरवाही करने पर एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकती है और जानलेवा भी हो सकती है। वायरल हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं, इनमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई होता है। हेपेटाइटिस ए और ई दूषित पानी और भोजन के कारण होता है। वहीं हेपेटाइटिस बी, सी और डी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होते हैं। हेपेटाइटिस ए और ई अपेक्षाकृत कम खतरनाक होते हैं, वहीं हेपेटाइटिस बी, सी और डी लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं। यह बीमारी लीवर को प्रभावित करती है। 
जिसके कारण मरीजों को लीवर सिरोसिस होने की आशंका रहती है। इसमें मरीजों का लीवर सिकुड़कर काम करना बंद कर देता है। कई बार लीवर में पानी भर जाता है और खून की उल्टियां होने लगती हैं और शरीर पर सूजन आ जाती है। इसलिए हमें लीवर को स्वस्थ रखने के लिए हैल्दी और पौष्टिक भोजन ही लेना चाहिए। इस मौके पर एनसीडी काउंसलर दीपक शर्मा ने लीवर को स्वस्थ रखने के लिए अपनी दिनचर्या और खानपान में परिवर्तन करने की सलाह दी। साथ ही बच्चों को फास्ट फूड का कम से कम सेवन करने के लिए कहा क्योंकि यह लीवर के लिए नुकसानदायक होता है। इससे कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती है। अगर हमें स्वस्थ जीवन जीना है तो फास्ट फूड के साथ में नशे से भी दूरी बनानी होगी। 


इस अवसर पर नर्सिग आफिसर जीबी बाबू ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि लीवर हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है। इसे स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी है इसलिए हमें समय-समय पर लीवर से संबंधित जांचें करवानी चाहिए। भविष्य में आप अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने परिवार व अपने मित्रों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम के अंत में ओएसिस सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य रणजीता कौर ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम स्कूल में करने के लिए निवेदन किया। इस मौके पर स्कूल निदेशक कर्नल अतुल भंडारी, नवल सिंह राजपूत, स्कूल स्टाफ के साथ बच्चें उपस्थित रहे। 

फैटी लीवर से कैसे बचें - डॉ. मंजू

-विश्व लीवर दिवस पर आयोजित किया कार्यक्रम

पदमपुर। फैटी लीवर से कैसे बचें, यह बात आज आयोजित एनसीडी क्लिनिक सीएचसी पदमपुर की ओर से 19 बीबी में हैल्थ वेलनेस सेंटर पर विश्व लीवर जागरूकता दिवस के कार्यक्रम में आयुष चिकित्सक मंजूबाला मिगलानी ने कही। उन्होंने फैटी लिवर से होने वाले रोगों के लक्षण आम लोगों को बताए। इसमें शरीर का पीला पड़ना, मतली आना, पेट में सूजन आना, नींद अधिक आना व मानसिक दिक्कतंे होने लगती है। इसके अलावा लिवर में अधिक मात्रा में फैट जमा होने के कारण फैटी लिवर की समस्या का सामना करना पड़ता है। 
फैटी लिवर के कारण हमारा लिवर उस तरह से काम नहीं कर पाता, जैसे उसे करना चाहिए। वहीं एनसीडी परामर्शदाता इन्द्राज बिश्नोई ने बताया कि फैटी लिवर की बीमारी होने पर लिवर में अत्यधिक मात्रा में फैट जमने लगता है। लिवर में फैट जमने के कई कारण हो सकते हैं, यह बहुत ज्यादा मात्रा में शराब पीने की वजह से भी हो सकता है और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण भी फैटी लिवर की बीमारी होने पर इसके शुरुआती लक्षणों का पता लगाना काफी मुश्किल होता है।
 साथ ही फैटी लिवर के कारण शुगर, बीपी जैसी गंभीर बीमारियां भी हो जाती है। वहीं बिश्नोई ने बताया कि जिन लोगों की रात में नींद पूरी नहीं होती वे लोग दिन में झपकी ले लेते हैं। हाल ही में हुई रिसर्च के मुताबिक, दोपहर के समय झपकी लेने या सोने से फैटी लिवर बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। फैटी लिवर की बीमारी दुनिया में सबसे अधिक होने वाली लिवर की बीमारी है। यह मोटापा और टाइप टू मधुमेह जैसे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर से हो सकती है। इस मौके पर प्रिंसिपल कुलविंद कौर, अध्यापक मुकेश, LHV वीरेंद्रकौर, एएनएम राजविन्द्रकौर, ANM बेअंत कौर, आशा रजनी व ग्रामीण मौजूद रहे।