श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर के प्रमुख व्यापारी संजय महिपाल द्वारा गत दिनों करवाए गए एक मुकदमे में करीब 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप कई लोगों पर लगाया गया, जिसमें गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है। इसी संदर्भ में आज स्थानीय सुखाडिया सर्कल के नजदीक स्थित अपने कार्यालय में गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड की ओर से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें संस्थान के रतन बगड़िया श्याम बगड़िया, गौरव बगड़िया और विशाल बगड़िया ने यह साफ किया कि गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड सेबी से रजिस्टर्ड ब्रोकिंग फर्म है जो कि वायदा कारोबार का लेनदेन करवाती है। उन्होंने यह बताया कि गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड एवं एनसीडीईएक्स के माध्यम से 2015 में संजय महिपाल की फर्म का वायदा लेन-देन हुआ था, जिसमें बेचने वाली फर्म संख इंपेक्स थी और उसके ब्रोकर थे नवजीवन कमोडिटीज। इस डिलीवरी लेन देन के बाबत उस समय गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड ने अपनी समस्त जिम्मेवारियों एवं दायित्व को पूरा कर दिया था। सेबी के नियम अनुसार बेचने वाली पार्टी और लेने वाली पार्टी दोनों को यह पता नहीं होता कि कौन सामान बेच रहा है और कौन सामान खरीद रहा है, यह बाद में पता लगा कि बेचने वाली पार्टी को सन 2017 में सरकार द्वारा डिफाल्टर घोषित कर दिया गया है और उक्त फर्म द्वारा वैट टैक्स जमा न करने के चलते संजय महिपाल की फर्म को टैक्स के भुगतान के संबंध में रिकवरी जमा करने के लिए विभाग द्वारा नोटिस भेजा गया। जिस पर संजय महिपाल की फर्म द्वारा दायर की गई एफआईआर में गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया, जो बिल्कुल बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि हमारा इसमें किसी प्रकार का कोई भी लेन-देन बकाया नहीं है। बगड़िया ने बताया कि गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड सन 2004 से निरंतर वायदा कारोबोर में नए आयाम स्थापित कर रही है और किसी भी प्रकार के विवाद से हमारा कोई भी लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम संजय महिपाल की चिंता से वाकिफ हैं और एनसीडीईएक्स व गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड की ओर से जितनी भी मदद इस मामले में हो पाएगी हम आगे बढ़कर उनका साथ देंगे। परंतु हम स्पष्ट भी करना चाहते हैं की सीधे तौर पर गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड इस मामले में कहीं भी डिफाल्टर नहीं है और किसी प्रकार का देय बकाया नहीं है। सेबी की गाइडलाइन के अनुसार जो भी उसे समय ट्रेड के लिए आवश्यक फॉर्मेलिटी या डॉक्यूमेंट थे वह सभी गंगानगर कमोडिटीज लिमिटेड द्वारा पूरे कर दिए गए थे।