उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर में तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी का शुभारंभ उत्तराधिकारी स्वामी अवतार पुरी जी महाराज
(ॐ श्री विश्व दीप गुरुकुल स्वामी महेश्वरानंद जाडन आश्रम ) पाली के सानिध्य से एवं सुप्रसिद्ध कलाकार प्रोफेसर सुरेश शर्मा, प्रोफेसर शैल चौयल, सुप्रसिद्ध वरिष्ठ कलाकार ललित शर्मा एवं सी.पी. चौधरी के कर कमलो के द्वारा एवं डॉ. भूपत डुडी, डॉ. दीपक सालवी एवं डॉ चिमन डांगी के आतिथ्य से शुभारंभ हुआ जोधपुर मारवाड़ के प्रशिक्षित युवा कलाकार डाॅ. गिरधारी परिहार द्वारा सृजित अमूर्त चित्रकला तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी मे लगभग 40 कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। सभी कृतियां अमूर्त भाव अनंत तरंगों को व्यंजित करती है। डॉ. परिहार ने बताया कि लहरें लगातार गतिशील रहती हैं, उठती-गिरती रहती हैं और यह हमें याद दिलाती है कि जीवन भी हमेशा बदलता रहता है। यह हमें बदलाव को अपनाने, नई परिस्थितियों के अनुकूल होने और आगे बढ़ते रहने के लिए अपने भीतर की ऊर्जा खोजने के लिए प्रोत्साहित करती है। इस उद्घाटन समारोह में उदयपुर और जोधपुर के कई वरिष्ठ और युवा कलाकारों ने भाग लिया जिसमें आकाश चोयल, दिलीप डामोर, राजेश सोनी, लुभाष राठौड़ गणेश लाल रायकवार. डॉ. निशा, डॉ. इति,शर्मिला राठौर, प्रशांत डांगी, लोकेश डांगी विकास राठौड़, निशा जिनगर, भुवनेश्वरी सालवी, दिव्यानाथ, रिया तनवानी, दीक्षिता सालवी, उषा भील, ऋतु गमेती, ललिता गमेती, कौमुदी लवानिया, सुप्रिया जोशी, मल्लिका भटनागर, रिमी नागदा, माधवी, निदा खान, दिव्यांशी एवं सैकड़ो कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे।
