श्रीगंगानगर : कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की परीक्षा के दौरान पेपर लीक की घटना से आक्रोशित युवाओं ने आज जिला कलक्ट्रेट पर युवा नेता सुखजीत सिंह अटवाल व रवि चावला के नेतृत्व में जोरदार रोष-प्रदर्शन किया। इस मौके पर युवाओं ने आए दिन हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर रोष व्यक्त करते हुए, राज्य सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की। तत्पश्चात् युवाओं द्वारा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर परीक्षा रद्द करके, बार-बार हो रही पेपर लीक घटनाओं की सीबीआई से जाँच करवाने की माँग की।
ये भी पढ़ें - Valentine’s Day : 14 फरवरी को ही क्यों मनाया जाता है वैलेंटाइन डे, जानें इसकी वजह
सुखजीत अटवाल तथा रवि चावला ने बताया कि 19 फरवरी, 2023 को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के 3531 पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान सरकार के द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा का समय प्रात: 10.30 से दोपहर 12 बजे तक का था, लेकिन परीक्षा से पहले ही इस दिन सुबह 8 बजे सोशल मीडिया में एक पेपर वायरल हुआ, जो कि वर्तमान पेपर से 78 से 80 प्रतिशत हुबहू मिलान करता है। इस बाबत राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन को सबूतों सहित समस्त तथ्यों से अवगत करवाया गया तथा एसओजी को भी पूरे सबूत सौंपे गए। पेपर भेजने वाले ने भी मीडिया के सामने आकर पेपर भेजने की बात कबूल की, लेकिन इसके बावजूद आज तक तक परीक्षा रद्द नहीं की गई है। बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये भी पढ़ें - Bollywood Actress in Bhojpuri: बॉलीवुड के ये हसीनाएं, भोजपुरी फिल्मों में मचा चुकी है धमाल part -2
सुग्रीव कुमार ने बताया कि युवाओं ने पुरजोर शब्दों में राज्य सरकार से माँग की कि कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पेपर को अविलम्ब रद्द किया जाए तथा इस मामले की सीबीआई से जाँच करवाकर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लग सके। रवि चावला ने कहा कि सुनने में आया है कि कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर का पेपर तो कई जिलों में ऐसे बंटा, जैसे वाटसअप ग्रुप पर गुड मॉर्निंग के मैसेज आते हैं। इससे ज्यादा गोपनीयता तो छठी कक्षा के पेपर की होती है। नर्सेज नेता राजेन्द्र कुमार लावा ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए, ताकि कोई पैसे के दम पर मेहनत करने वालों का हक ना छीन सके। उन्होंने कहा कि छात्र हजारों रूपये कोचिंग पर खर्च करते हंै और दिन-रात मेहनत करने के बाद जब पेपर देने जाते है तो उन्हें वहां जाकर पता चलता है कि पेपर तो पहले ही लीक हो गया तो इससे युवाओं को अपना भविष्य अंधकारमय लगने लगा है।
सरकार को संंवेदनशील बनकर युवाओं व उनके परिजनों को रही भारी पीड़ा-परेशानी को समझना चाहिए तथा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर परीक्षा को रद्द करके एवं इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाकर व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करके युवाओं को राहत प्रदान करनी चाहिए। इसके साथ-साथ यह भी माँग की गई है कि जल्द से जल्द परीक्षा की नई तिथि अविलम्ब घोषित करके पूर्ण गोपनीय तरीके से परीक्षा करवाना सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि प्रतिभाशाली बेरोजगार युवा सरकारी नौकरी लग सकें एवं उनका सरकार पर विश्वास कायम रह सके। इस अवसर पर राजेन्द्र कुमार लावा, सुग्रीव कुमार, प्रदीप छीम्पा, प्रवीन गोदारा, जसपाल सिंह, राकेश कुमार सहित अनेक जागरूक युवा उपस्थित थे।

.webp)