राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाकर राहत प्रदान की जाए : आशुतोष गुप्ता
ट्रायल के तौर पर पेट्रोल-डीजल की दरें पंजाब के बराबर करने की माँग।
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श्रीगंगानगर, श्रीगंगानगर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन जिलाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में शिष्टमण्डल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पेट्रोल-डीजल पर वैट पड़ौसी राज्यों के बराबर करने की माँग की है। विकल्प रूप में ट्रायल के तौर पर पेट्रोल-डीजल की दरें पंजाब के बराबर करने की माँग उठाई गई है। जिलाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ने कहा कि राजस्थान में पड़ौसी राज्यों (पंजाब, हरियाणा) की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरें अत्याधिक है। पूरे भारत में सबसे अधिक वैट होने के कारण श्रीगंगानगर सहित राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में पड़ौसी राज्यों की तुलना में पेट्रोल में लगभग 15 रूपये प्रति लीटर तथा डीजल में लगभग 9 रूपये प्रति लीटर का भारी-भरकम अंतर है। इस प्रकार अधिक मूल्य होने के कारण प्रदेश के लगभग 7000 पेट्रोल पम्पों में से सीमावर्ती जिलों में स्थित लगभग 5000 पेट्रोल-पम्पों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री नगण्य है। अत्याधिक वैट के कारण अनेकों पेट्रोल पम्प बंद हो गये हैं तथा भारी संख्या में पेट्रोल पम्प बंद होने की कगार पर हैं, जिससे पेट्रोल पम्प संचालक व हजारों कर्मचारी बेरोजगार हो गये हैं।ये भी पढ़ें:लड़की पटाने के आसान तरीके Ladki Ko Kaise Pataye Tips In Hindi |
जिलाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ने मुख्यमंत्री से पेट्रोल-डीजल पर वैट पड़ौसी राज्यों के बराबर करने तथा विकल्प रूप में एक बार तीन माह के लिए श्रीगंगानगर जिले में पेट्रोल-डीजल की दरें पंजाब राज्य के बराबर करने की माँग करते हुए कहा कि यदि सरकार वैट में कमी कर देती है तो प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की बिक्री 34 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी, जिससे आम जनता को भी फायदा होगा एवं सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। इसके साथ-साथ मुख्यमंत्री के श्रीगंगानगर पधारने पर श्रीगंगानगर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन द्वारा चौराहों पर बैनर लगाकर मुख्यमंत्री से महंगाई राहत कैम्प की तरह पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाकर पेट्रोल पम्प संचालकों व आमजन को राहत प्रदान की माँग की गई।स्वर्णकार समाज की मांगों के लिए मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन
मेढ़ क्षत्रीय स्वर्णकार सभा ट्रस्ट श्रीगंगानगर के अध्यक्ष आकाशदीप ठाकराण के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को श्रीगंगानगर आगमन पर स्वर्णकार समाज की मांगों के लिए ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में सुजानगढ़ मे पवन कुमार सोनी के सस्थान जे डी जे ज्वेलर्स मे दो करोड़ की रंगदारी वसूल करने के लिए पहले धमकी देने व बाद मे शोरूम पर अंधाधुंध गोलीबारी करने वाले सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने,स्वर्णकारों की दुकानों एवम शोरूमो की सुरक्षा हेतू आवश्यक कदम उठाने व हथियारों के लाइसेंस देने की मांग की गयी।
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इसके अतिरिक्त गत विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में स्वर्णकार कल्याण बोर्ड गठन का उल्लेख किया गया था।
अतः स्वर्णकार समाज के सर्वांगीण विकास हेतु स्वर्णकार कल्याण बोर्ड के गठन की मांग की गई। साथ ही बोर्ड के गठन में स्वर्णकार समाज के व्यक्ति को ही चेयरमैन बनाने हेतु निवेदन किया गया। आईपीसी की धारा 411 व 412 में पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से स्वर्णकारो को प्रताड़ित किया जाता है, इसके लिए इस एक्ट के संबंध में सुप्रीम कोर्ट, कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप अन्य प्रदेशों की तरह सोने चांदी का माल स्वर्णकार द्वारा खरीदी करने संबंधी दिशा निर्देश सरकार द्वारा जारी किए जाये।
सरकार व कांग्रेस पार्टी में स्वर्णकार समाज के कार्यकताओं को वरीयता दी जावे जो व्यक्ति पार्टी में लंबे समय से जुड़े हुए हैं, उन्हें उचित पद दिया जावे। स्वर्णकारी कार्य मुख्यतः स्वर्णकार समाज द्वारा ही किया जा रहा है, बड़ी कंपनियां इसमें लगातार आ रही है। अतः नई टेक्नोलॉजी से व्यवसाय को बढ़ाने हेतु कारीगरों को ऋण व पेंशन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जावे, ताकि वे प्रतिस्पर्धा युग में वे अपना कार्य आगे बढ़ा सके । स्वर्णकार समाज के आराध्य देव महाराजा अजमीढ़ चौक बनाने के लिए स्वीकृति सभी जिला व तहसील स्तर पर दी जावे। स्वर्णकार समाज के लिए सभी जिलों में भवन के लिए भूखण्ड उपलब्ध करवाए जावे।
आंगनबाड़ी कार्मिकों का वेतन 18 हजार रूपए करने व अन्य मांगों को लेकर सीएम को सौंपा ज्ञापन
श्रीगंगानगर। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ ने आज जिलाध्यक्ष सीता स्वामी के नेतृत्व में विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि चुनावी घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्मिकों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की घोषणा की गई थी लेकिन आज चार वर्ष बाद भी उक्त घोषणा पर अमल नहीं किया गया है। जब तक आंगनबाड़ी कार्मिकों को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता तब मासिक मानदेय 18,000/- रूपये किया जावे व सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष की जावे। सभी कार्मिकों को पेंशन परिलाभ दिए जावें । इसके लिए किसी प्रकार की आयु सीमा निश्चित नहीं की जावे । महोदय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिन, सहायिका का नियमितकरण, अन्य राज्यों के अनुपात में मानदेय वृद्धि, आशा सहयोगिन की सेवा शर्तो में आवश्यक सुधार किया जावे। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न केवल आमजन बल्कि राज्य कर्मचारियों को भी अत्याधिक परिलाभ दिए जा रहे हैं। मात्र आंगनबाड़ी में कार्यरत कार्मिक ही इससे वंचित हैं। जबकि आंगनबाड़ी कार्मिकों द्वारा राज्य कर्मचारियों से अधिक राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में कार्य किया जा रहा है। अब राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे मंहगाई से राहत कैम्पों में भी अपनी सेवाएं दी जा रही हैं।
आशा सहयोगिनी चिकित्सा सेवा कर्मचारी संघ ने सीएम को सौंपा ज्ञापन
श्रीगंगानगर। आशा सहयोगिनी चिकित्सा सेवा कर्मचारी संघ की प्रदेशाध्यक्ष सीता स्वामी ने आज विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार के चुनावी घोषणा-पत्र में मानदेय कार्मिकों को स्थाई राज्य कर्मचारी बनाए जाने की घोषणा की गई थी । अन्य विभागों में कार्यरत मानदेय कार्मिकों को तो राज्य कर्मचारी बना दिया गया है लेकिन आशा सहयोगिनों को 1अभी तक राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है। जबकि सरकारी योजनाओं में आशा सहयोगिनों से राज्य कर्मचारियों से अधिक कार्य लिया जा रहा है। बजट घोषणा - पत्र 2023 में आशा सहयोगिनों के मानदेय में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई लेकिन अभी तक इसके आदेश पारित न होने के कारण हमें उक्त बढ़ोतरी का भुगतान नहीं मिल रहा है ।
इसके अलावा प्रदेश में आशा सहयोगिनों का मानदेय 10,000 /- रूपये प्रतिमाह करने व ए.एन.एम. (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ) भर्ती में आशा सहयोगिन के लिए 15 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाने की मांग की है।

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