Header Ads Widget


 

सबकी नैया, पार लगैया, कृष्ण कन्हैया सांवरे.. भजन पर झुमे श्रद्धालु

 सबकी नैया, पार लगैया, कृष्ण कन्हैया सांवरे.. भजन पर झुमे श्रद्धालु


श्रीमद्भागवत कथा में बोली गुरूमां, कहा अगर कोई सच्चे मन से परमात्का से मिलना चाहे, तो परमात्मा जरूर मिलेगा,
- पंच तत्व योग साधना में पहुंचे सैकड़ों लोग, सभी ने की योग साधना
श्रीगंगानगर। जय जय राधारमन हरि बोल.., राधे राधे गोविंद.. सब की नैया पार लगैया कृष्ण कन्हैया सांवरे.., आदि भजनों पर झुम उठे श्रद्धालु। 
ये भी पढ़ें:Rajasthan भानजी के (मायरा) भात में रुपयों का लगा ढेर,81 लाख नकद ,16 .5 बीघा खेती की जमीन, 23 लाख के गहने ( ज़ेवर) और धान से भरी नई ट्रैक्टर ट्रॉली दे आए, सवा तीन करोड़ का (मायरा) भात

मौका था सुखाडिय़ा सर्किल के पास बाबा रामदेव मंदिर के अंदर बने चितलांगिया भवन में चल रही सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का, जिसमें आज तीसरे दिवस की कथा कहते हुए कथा व्यास गुरूमां चैतन्य मीरा ने कहा कि अगर कोई सच्चे मन से परमात्मा को मिलना चाहे तो परमात्का जरूर मिलते है। जितना-जितना हमारो मन पवित्र, शुद्ध, निर्मल होता जायेगा, उतना-उतना ही हम परमात्मा के करीब होते चले जायेंगे। भगवान के अवरण के बारे में बोलते हुए कथा व्यास ने कहा कि संकल्पित होकर कैसे जीवन जीया जा सकता है, ये चरित्रार्थ करने के लिए ही भगवान ने बार-बार धरती पर अवतार लिया।


 उन्होंने कहा कि हमारे आचार, विचार, व्यवहार और आहार सभी आपस में जुड़े हुए है, और ये सभी केवल संकल्पित होकर ही संतुलित हो सकते है। वर्तमान समय की आहारचर्या पर कटाक्ष करते हुए गुरूमां ने कहा कि प्राकृतिक रूप से हमें अपने आहार में 50 प्रतिशत फल, 30 प्रतिशत सब्जी, 10 प्रतिशत अनाज और 10 प्रतिशत अन्य चीजों को खाना चाहिए, परंतु वर्तमान समय में हम 5-10 प्रतिशत फल व सब्जी खा रहे और 80-90 प्रतिशत अन्य चीजें या बाहर के पिज्जा बर्गर इत्यादि खा रहे है, जो हमारे लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि मन की शुद्धि बहुत आवश्यक है, और मन की शुद्धि का सबसे सरल उपाय है मौन। परंतु आज के समय में मौन रह पाना बहुत कठिन है। 


उन्होंने कथा के दौरान कहा कि मौन भी हो तो आर्य मौन होना चाहिए, जिसका मतलब केवल बोलना बंद करना नहीं है, बल्कि अपनी सभी इन्द्रियों को मौन करना है। आंख खुली हो मगर देखे नहीं, कान खुले हो मगर सुने नहीं, ऐसे मौन से ही हम अपने मन को शुद्ध कर सकते है। और शुद्ध मन से ही भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। आयोजन प्रवक्ता सौरभ जैन ने बताया कि आज तीसरे दिवस की कथा की शुरूआत भागवत पूजन एवं मंगलआरती से हुई, जिसमें कथा के यजमान उदयचंद अग्रवाल, राजकुमार जैन, रिटा. आईजी गिरीश चावला, सौरभ जैन, नवीन अग्रवाल, विकास अग्रवाल, श्रीमती सुरूचि अग्रवाल, आदि अनेकों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कथा का समय दोपहर 2.30 बजे का रहेगा व 13 अप्रैल तक रोजाना प्रात: 6 बजे स 7 बजे तक पंच तत्व योग साधना शिवीर भी रहेगा।