IFFS (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑव श्रीगंगानगर) और नोजगे स्कूल का संयुक्त आयोजन
पहले 25 से 27 फरवरी को प्रस्तावित/ घोषित पंज दरिया फ़िल्म फेस्टिवल अब 8 से 11 अप्रैल को होगा। आयोजकों ने बताया कि नोजगे स्कूल शहर के कई स्कूलों का परीक्षा का केंद्र बन जाने के कारण तारीखों में यह बदलाव किया गया है।
IFFS (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑव श्रीगंगानगर) अपने नए अवतार के रूप में श्रीगंगानगर के पंजाबी इलाके के लिए एक सौगात की तरह पंजाबियत की रूहानी खुशबू लेकर आ रहा है। इस खुशबू को कल्चरल इवेंट के रूप में नाम दिया गया है- 'पंज दरिया फ़िल्म फेस्टिवल' फेस्टिवल के फाउंडर डायरेक्टर दुष्यंत और सुभाष सिंगाठिया ने बताया कि कोविड से पहले हुए पहले संस्करण के रूप में आयोजित इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल को इलाके की पसंद, ज़रूरत के मुताबिक इस रूप में सोचा गया है।
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उल्लेखनीय है कि शहर को अकादमिक ही नहीं, साँस्कृतिक एक्सीलेंस देने में प्रसिद्ध नोजगे पब्लिक स्कूल की IFFS के साथ इस आयोजन में पहले की तरह ही भागीदारी रहेगी- यानी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑव श्रीगंगानगर और नोजगे पब्लिक स्कूल संयुक्त रूप से इस फेस्टिवल के मुख्य आयोजक होंगे। इसमें उनके साथ पंजाबी सभ्याचारक सोसायटी, श्रीगंगानगर और पूर्वकथन साहित्यिक पत्रिका भी सह -आयोजक की भूमिका में हैं। नोजगे पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ.पी. एस. सूदन कहते हैं कि श्रीगंगानगर और इसके आसपास की फिजा पंजाबियत के रंग से सराबोर है और उन्हें विश्वास है कि 'पंज दरिया फ़िल्म फेस्टिवल' जैसे कार्यक्रम पंजाबी कल्चर की समृद्धि में चार चाँद लगाएँगे।
क्या-क्या होगा?
इसमें क्लासिक पंजाबी फिल्मों के साथ नई अच्छी फिल्मों को भी दिखाया जाएगा, पंजाब और मुम्बई से आए फ़िल्म निर्देशकों, लेखकों, कलाकारों की उपस्थिति से जीवंत बनाने के साथ साथ पंजाबियत को संगीत, थिएटर, साहित्य की सतरंगी छटा की तरह सालाना जलसे में आकार दिया जा रहा है।
पंजाबी डायस्पोरा
पंजाबियत के इस पर्व को दुनिया भर के पंजाबियों की साझी भावनाओं का पर्व बनाने की कोशिश होगी। पंजाबियत अब एक भूगोल तक सीमित नहीं है, वह एक विचार है, इमोशन है, संस्कृति है। सच्ची पंजाबियत अब जाति, धर्म, भूगोल, रंग से ऊपर एक भावनात्मक दर्शन है जो दुनिया भर में फैले पंजाबियों को प्रेम के अदृश्य धागों से जोड़ता है।
कब, कितने दिन
इसे 2023 की अप्रैल के दूसरे सप्ताह 8 से 11 अप्रैल (शनिवार, रविवार, सोमवार, मंगलवार ) को 4 दिन तक मनाया जाएगा। इस दौरान दिन में पंजाबी फिल्मों के प्रदर्शन, चर्चाएँ होंगे और हर शाम एक साँस्कृतिक शाम होगी।
मुख्य आकर्षण
सह आयोजक संस्था पंजाबी सभ्याचारक सोसायटी के अध्यक्ष अमरिंदर शिल्पी ने बताया कि हम कोशिश में हैं कि इस जलसे में पंजाबी कल्चरल दुनिया के नामी और संजीदा चेहरों को इलाके के लोग फेस्टिवल में देख- सुन-मिल सकें।

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