-प्रात: 9 बजे सुखाडिय़ा सर्किल श्रीविश्वकर्मा मंदिर से निकाली गई कलश यात्रा
श्रीगंगानगर। सुखाडिय़ा सर्किल स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में बने चितलांगिया भवन में सप्तदिवसीय श्रीमद्भावगत कथा आज दिनांक 8 अप्रैल शनिवार को शुरू हुई, जिसमें प्रथम दिवस की कथा कहते हुए कथा व्यास गुरु मां चैतन्य मीरा ने कहा कि गंगानगर धर्म, भक्ति और प्रेम की भूमि है। उन्होंने भागवत महात्म्य बताते हुए कहा कि धन, वस्त्र, भोजन इतियादी के दान से भी ज्यादा बड़ा दान है भागवत कथा का दान। जब तक मनुष्य के भीतर प्रभु स्वयं आकर नहीं बैठते तब तक न तो कोई कथा कह सकता है और न ही कोई कथा सुन सकता है।
जो कथा कह रहे है और जो कथा सुन रहे है वे सभी सौभाग्यशाली है। कथा व्यास ने कहा कि कलयुग में जीव का कल्याण करने के लिए ही भागवत महापुराण की रचना हुई है और भागवत महापुराण में स्वयं ठाकुर जी का वास है। प्रथम दिवस की कथा की शुरूवात भागवत पूजन एवं मंगल आरती से हुई जिसमें सभापति श्रीमती करुणा चांडक, श्रीमती गायत्री चितलांगिया, संजय महिपाल, राजकुमार जैन, उदयचंद अग्रवाल, सौरभ जैन, श्रीमती सुरुचि अग्रवाल आदि सम्मिलित रहे।
आयोजन प्रवक्ता सौरभ जैन ने बताया कि कथा 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे से होगी, जिसका सीधा प्रसारण प्रेमा भक्ति टीवी पर किया जायेगा। कथा के उपलक्ष में भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई जो बैंड बाजों के साथ आज 8 अप्रैल शनिवार को प्रात: 8.30 बजे सुखाडिय़ा सर्किल स्थित श्रीविश्वकर्मा मंदिर से प्रारम्भ होकर शहर के मुख्य-मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल चितलांगिया भवन पहुंची, जहां सभी ने गुरु मां के साथ जमकर नृत्य किया। इस अवसर पर आशीर्वचन देते हुए गुरु मां ने कहा कि भागवत हमें जीना कैसे है और मरना कैसे है यह सीखता है। कलश यात्रा में 151 महिलाओं ने सर पर कलश धारण कर पद यात्रा की और गुरु मां भी कलश यात्रा में मौजूद रहीं। इस कथा का समापन हवन एवं महाप्रसाद से होगी, जो 14 अप्रैल को सायं 7.30 बजे चितलांगिया भवन में ही होगा। इस कथा को लेकर शहर के धर्म प्रेमी लोगों में भारी उत्साह है।
प्रातः 6 से 7 बजे तक होगी पंच तत्व साधना
सौरभ जैन ने बताया कि इस कथा के साथ गुरूमां चैतन्य मीरा के सान्निध्य में पंच तत्व साधना कार्यक्रम भी होगा, जिसमें पंच तत्व जल, अग्नि, वायु, आकाश और पृथ्वी को संतुलित करने की दिशा में योग एवं ध्यान साधना करवाई जायेगी, जिससे मनुष्य डिप्रेशन आदि से बच सकेगा। ये पंच तत्व साधना कार्यक्रम दिनांक 10 अप्रैल से 13 अप्रैल तक रोजाना प्रात: 6 बजे से 7 बजे तक चितलांगिया भवन में ही होगा, जिसके लिए श्रीमती सुरूची अग्रवाल एवं राजेन्द्र बंसल को कोर्डिनेटर बनाया गया है।

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