वर्ष 2023-24 डिग्गी निर्माण कार्यक्रम के क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश हुए जारी
श्रीगंगानगर, कृषि आयुक्तालय राजस्थान जयपुर द्वारा वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के अंतर्गत राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन के तहत डिग्गी निर्माण कार्यक्रम क्रियान्वयन हेतु विभागीय दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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कृषि विभाग श्रीगंगानगर के संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. जीआर मटोरिया ने बताया कि डिग्गी निर्माण के लक्ष्य 1555 से बढ़ाकर 1900 कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन अन्तर्गत कृषकों को डिग्गी निर्माण पर अधिकतम रूपये 3.40 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा। नहरी जल के संरक्षण एवं कुशलतम उपयोग के लिए डिग्गी निर्माण योजनान्तर्गत लाभान्वित किए जाने वाले कृषकों में न्यूनतम 40 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त कृषकों को लाभान्वित किया जावेगा। लघु एवं सीमान्त कृषकों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राशि मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना से दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि डिग्गी पर देय अनुदान राशि लघु एवं सीमान्त कृषक के लिए लागत का 85 प्रतिशत या अधिकतम राशि रूपये 340000/- जो भी कम हो, मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना से देय होगी एवं अन्य कृषकों के लिए लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम राशि रूपये 300000/- जो भी कम हो मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना से देय होगी।
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उन्होंने बताया कि समस्त नहरी क्षेत्र के कृषक जहां सिंचाई बारी स्वीकृत हो वो अनुदान के पात्र होंगे। जो कृषक सिंचित क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि का स्वामित्व रखते हैं तथा सामान्य या विशिष्ट आवंटी, गैर खातेदार हैं, अनुदान के पात्र होंगे। आवेदनकर्ता कृषक के पास न्यूनतम आधा हेक्टेयर (2 बीघा) सिंचित कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है। डिग्गी निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्व में अनुदान से लाभान्वित कृषक दुबारा डिग्गी निर्माण के लिए अनुदान हेतु पात्र नहीं होगा। कृषकों द्वारा डिग्गी निर्माण के साथ स्प्रिंकलर/डिप्र/ माइक्रो स्प्रिंकलर संयंत्र स्थापित किया जाना आवश्यक है, स्थापित यंत्र पर अनुदान भौतिक सत्यापन उपरांत माइक्रो इरिगेशन योजना के तहत देय होगा।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन किए जाने वाले आवेदन पत्र के साथ कृषक को नवीनतम जमाबंदी की नकल जो कि 6 माह से अधिक पुरानी ना हो एवं जिस खसरे में डिग्गी बनानी है, उसका राजस्व विभाग द्वारा जारी नक्शा अपलोड करना होगा। कृषक को अनुदान हेतु जन-आधार कार्ड संख्या देना अनिवार्य होगा । जिन कृषकों का जन-आधार पर लघु एवं सीमांत कृषक श्रेणी में पंजीयन है उनको ही लघु एवं सीमांत कृषक मानते हुए अनुदान हेतु पात्र समझा जाएगा। यदि जनाधार में लघु या सीमांत कृषक के पंजीयन की सुविधा नहीं हो तो ऐसी स्थिति में कृषकों को आवेदन के समय सक्षम सर से जारी लघु या सीमांत श्रेणी कृषक का प्रमाण पत्र साथ लगाना होगा।
उन्होंने बताया कि कृषक नजदीकी ई -मित्र केंद्र पर जाकर अथवा स्वयं के स्तर पर राज किसान साथी पोर्टल पर जन-आधार नंबर के माध्यम से आवेदन कर सकेगा। आवेदन पत्र को ई-प्रपत्र में भरा जावेगा एवं आवश्यक दस्तावेज को स्कैन कर अपलोड करना होगा। आवेदक को आवेदन पत्र की प्राप्ति रसीद ऑनलाइन प्राप्त होगी। आधार में पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त होगा।
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उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र की ऑनलाइन जांच के समय आवेदन में कोई कमी पाए जाने पर आवेदक को आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर इसका एसएमएस भेजा जाएगा। आवेदक को 15 दिवस के अंदर राज किसान साथी पोर्टल पर कमी की पूर्ति करनी होगी अन्यथा 15 दिवस के बाद आवेदन निरस्त हो जाएगा। आवेदनकर्ता आवेदन के पश्चात राज किसान सुविधा मोबाइल एप पर आवेदन की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं । ऑफलाइन आवेदन प्रपत्र नहीं लिए जाएंगे।
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डॉ. मटोरिया ने बताया कि अनुदान के लिए डिग्गी की न्यूनतम भराव क्षमता 4 लाख लीटर की होनी आवश्यक है। प्लास्टिक लाइनिंग डिग्गी निर्माण में प्लास्टिक शीट आई एस आई मार्का का एलडीपीई 500 माइक्रोन या अधिक एल.सी.एल. यू.वी. या एचडीपीई प्लास्टिक शीट बी आई एस गुणवत्ता न्यूनतम 500 माइक्रोन का उपयोग अनिवार्य है ।
आवेदन पत्र डेढ़ गुना से अधिक आने पर रेंडमाइजेशन कर लॉटरी निकाली जाएगी।
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उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के पश्चात निर्मित डिग्गी पर ही अनुदान देय होगा। प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के दिनांक से पहले निर्मित डिग्गी पर कोई अनुदान देय नहीं होगा। कृषि आयुक्तालय जयपुर के आदेशानुसार श्रीगंगानगर जिले में डिग्गी निर्माण के लक्ष्य 1555 से बढ़ाकर 1900 कर दिए गए हैं, जिससे जिले के ओर अधिक कृषक योजना का लाभ लेकर सिंचाई जल का कुशलतम उपयोग कर सकेंगे।

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